ना हिन्दू सुरक्षित है, ना मुसलमान
हैवानियत के आगे,असुरक्षित है इंसान। वो शैतान,भीड़ बनकर आते है, खून से सियासी रंग चढ़ाते है। फिर धर्म के ठेकेदारों से,सियासत गरमाती है। चैनलों की डीबेटो से, टी.आर.पी जगमगाती है। भीड़ में मरता ना हिन्दू,ना मुसलमान खून जिसका बहता,वो है हिन्दुस्तान।